महाविद्यालय प्राचार्य एवं भौतिकी के वैज्ञानिक प्रो. एस. एन. ए. जाफरी की अध्यक्षता में “ओजोन परत का मानव जीवन एवं कृषि पर प्रभाव” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता श्री आशीष छिपा ने ओजोन परत की बनावट तथा कृषि एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले ओजोन ह्रास के प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में सीएफसी गैसों की कमी के चलते ओजोन परत ने अपने आकार में वृद्धि की है, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, परंतु मानवीय आकांक्षाओं एवं विकास की होड़ ने इस ओजोन परत को काफी कमजोर किया है।
उन्होंने बताया कि इसका दुष्परिणाम एक ओर प्रकृति में स्वतंत्र विचरण करने वाले पक्षियों की मृत्यु के रूप में सामने आ रहा है, वहीं जमीन पर रहने वाले पशुओं एवं मनुष्यों में चर्म रोगों की वृद्धि भी इसका परिणाम है।


