एमसीएचआरआरसी द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान आयोजित

27 जून 2026। “व्यक्ति की एक छोटी-सी गलत आदत पूरे परिवार को समस्याओं से ग्रस्त कर देती है।” यह विचार वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स रिसर्च काउंसिल (MCHRRC), चित्तौड़गढ़ शाखा की प्रभारी एडवोकेट नीता लोढ़ा ने नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।

एडवोकेट नीता लोढ़ा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में युवाओं एवं किशोरों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम.पी. पीजी कॉलेज, चित्तौड़गढ़ के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल देसाई ने नशे के विभिन्न कारणों, उसके दुष्प्रभावों तथा सरकार द्वारा नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा सभी को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।