आर.एन.टी. में एक दिवसीय मातृभा-ुनवजयाा परिसंवाद का आयोजनसंस्था ने इंडिया के स्थान पर भारत लिखने का लिया प्रस्ताव

कपासन, 24 फरवरी 2026। रवीन्द्रनाथ टैगोर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कपासन में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2026 के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे मातृभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा की महत्ता” विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं बीज वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, राजस्थान के क्षेत्र सह-संयोजक नितिन कुमार जैन ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता एवं सीखने की प्रेरणा बढ़ती है। मातृभाषा भावनात्मक साहित्य के माध्यम से प्रेम, करुणा, सहानुभूति एवं नैतिक मूल्यों का पोषण करती है। उन्होंने भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया तथा भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय प्रबंध निदेशक डॉ. वसीम खान ने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु युवाओं को भारतीय परंपराओं को अपनाना होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति में मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में मातृभाषा माध्यम से शिक्षण विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए आवश्यक है। परिसंवाद का शुभारंभ मां सरस्वती के दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् से हुआ। अकादमिक निदेशक शिवनारायण शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों का परिचय डॉ. रामसिंह चुंडावत ने प्रस्तुत किया तथा आभार प्राचार्य प्रो. एस.एन.ए. जाफरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोनिका जैन ने किया। परिसंवाद में लगभग 190 विद्यार्थियों एवं विद्वानों ने सहभागिता की।