दीक्षा क्रियेशन्स सोसायटी ने किया शिक्षाविदों का सम्मान

शिक्षक भावी समाज का निर्माता एवं संरक्षक है।” ऐसे विचार दीक्षा क्रियेशन्स सोसायटी, उदयपुर द्वारा संचालित आर.एन.टी. कॉलेज, कपासन में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलसचिव डॉ. वी.सी. गर्ग ने व्यक्त किए।

डॉ. गर्ग ने अपने उद्बोधन में शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थी को संस्कारित करते हुए उसे शिक्षित एवं सामाजिक प्राणी बनाता है। वह वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप जीवन जीने की कलाओं में निपुण बनाकर समाज को श्रेष्ठ स्थिति में ले जाने हेतु निरंतर प्रयत्नशील रहता है, क्योंकि शिक्षा समाज का दर्पण है जिसमें मानवीय मूल्य और संस्कार प्रतिबिंबित होते हैं। अपनी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि एक सफल विद्यार्थी के पीछे सदैव एक अच्छे गुरु का ही हाथ होता है। हमारा कर्तव्य है कि हम अच्छे अधिकारी और अच्छे नागरिक तैयार करें। एक शिक्षक की सबसे बड़ी खुशी उसके विद्यार्थियों की उन्नति में ही होती है।

समारोह की विशिष्ट अतिथि माध्यमिक शिक्षा, उदयपुर ज़ोन की संयुक्त निदेशिका रंजना कोठारी ने सभी शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि मनुष्य में मानवता और इंसानियत की भावना का विकास केवल शिक्षक ही कर सकता है। उन्होंने नई शिक्षा प्रणाली में शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते शैक्षिक वातावरण और ए.आई. (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के युग में भी भावनाएँ जीवित रहेंगी और उनका संवर्द्धन केवल शिक्षक ही कर सकता है। इसलिए शिक्षा में शिक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जाएगी।

विशिष्ट अतिथि कपासन एस.डी.एम. राजेश सुवालका ने कहा कि शिक्षक समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाता है। कल्पना शक्ति, तर्क शक्ति और योजना निर्माण का गुण शिक्षक ही शिष्य में उत्पन्न करता है। शिक्षक ही बालक के ब्रह्मा, विष्णु और महेश स्वरूप को विकसित कर उसे पूर्ण पुरुष बनाने की क्षमता रखता है। प्रत्येक मनुष्य का जन्म माता-पिता की देन है, लेकिन इस कलुषित वातावरण में जीवन जीने की कला सिखाना केवल शिक्षकों की ही देन है।

विशिष्ट अतिथि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष इकराम कुरैशी ने कहा कि सीखने की कोई आयु नहीं होती। शिक्षक का कर्तव्य है कि वह विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करे और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़े। उच्च शिक्षा हमें केवल जानकारी ही नहीं देती, बल्कि जीवन कौशल, सह-अस्तित्व और सद्भाव की त्रिवेणी भी प्रवाहित करती है। शिक्षा की जड़ें भले ही कड़वी हों, लेकिन इसके फल सदैव मीठे होते हैं।

दीक्षा इंटरनेशनल बचपन प्ले स्कूल, कपासन की निदेशिका नीमा खान ने सम्मानित शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा पाठ्यक्रम को समाज की आवश्यकता के अनुरूप बनाना चाहिए, जिससे शिक्षकों का सम्मान और बढ़े। शिक्षक अपने नैतिक दायित्वों को समझते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें, जिससे एक सुशिक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. वसीम खान ने सभी शिक्षकों का सम्मान करते हुए कहा कि देश में नई शिक्षा नीति लागू हो गई है, परंतु हमारे विद्यालयों में संसाधनों की कमी है। इस कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कराना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आर.एन.टी. महाविद्यालय भौतिक और मानवीय संसाधनों से पूर्ण है, अतः सभी शासकीय विद्यालय अपने विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यहाँ के संसाधनों का निःशुल्क उपयोग कर सकते हैं।