आर.एन.टी. कृषि महाविद्यालय, कपासन एवं एफ.ए.आई. नॉर्थ रीजन, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय फर्टिलाइजर ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बी.एससी. कृषि में स्नातक कर रहे विद्यार्थियों को उर्वरकों के संबंध में समग्र एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. प्रताप सिंह, कुलगुरु, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने अपने उद्बोधन में प्रतिभागियों को हरित क्रांति के लाभ एवं इसके बढ़ते दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. सिंह ने बताया कि हरित क्रांति में फसलों की उन्नत किस्मों, पोषक तत्वों एवं जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मृदा एवं पर्यावरण का संरक्षण भी आवश्यक है।
उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन (Integrated Nutrient Management) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने सेकेंडरी डिमेनेज से बचने की सलाह भी दी, ताकि इससे होने वाली विभिन्न बीमारियों एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सके।


